राजस्थान वित्त निगम में ऋण आवेदन पत्र अब होंगे ऑनलाइन स्वीकार

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युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना को प्रमुखता दी जाएगी, ताकि प्रदेश की युवा पीढ़ी का स्वयं का उद्यम लगाने का सपना पूरा हो सके

 जयपुर। राजस्थान वित्त निगम ने वित्तीय वर्ष 2016-17 में 11.33 करोड़ रुपये का लाभ अर्जित किया है। यह बात अतिरिक्त मुख्य सचिव, वित्त एवं निगम के अध्यक्ष डी. बी. गुप्ता ने शुक्रवार को उद्योग भवन में आयोजित 62वीं वार्षिक बैठक के दौरान कही। 
 
उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि निगम ने 2016-17 में 410.22 करोड़ रुपये के ऋण स्वीकृत किये, जो कि वर्ष 2015-16 की तुलना में 82 करोड़ रुपये अधिक है। गुप्ता ने ऋण वितरण एवं ऋण वसूली में स्थिति अधिक सुदृढ़ करने का आह्वान किया।
 
गुप्ता ने निगम के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना के अन्र्तगत 115 युवा उद्यमियों को 117.15 करोड़ रुपये की ऋण सहायता उपलब्ध कराने पर उनकी सराहना की।
 
अनुदान राशि बढ़ाकर 1.50 करोड़
उन्होंने बताया कि इस योजना को और अधिक आकर्षक बनाते हुए अब राज्य सरकार द्वारा इसमें मिलने वाली अनुदान राशि जो कि पूर्व में 0.90 करोड़ रुपये थी, को बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी गई है।
 
उन्होंने बताया कि वर्ष 2016-17 के दौरान निगम द्वारा बंद पड़ी इकाईयों में से 16 इकाईयों को सफलतापूर्वक पुनर्जीवित कर उनमें से 9 इकाईयों को उनके प्रर्वतकों को सौंपा गया। 
 
उन्होंने बताया कि निगम द्वारा युवा उद्यमिता प्रोत्साहन योजना को प्रमुखता दी जाएगी, ताकि प्रदेश की युवा पीढ़ी का स्वयं का उद्यम लगाने का सपना पूरा हो सके।
 
गौरतलब है कि इस योजना के तहत 18 से 45 वर्ष की आयु के स्नातक युवा मात्र 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर 1.50 करोड़ रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। 
 
बैठक के दौरान निगम के प्रबंध निदेशक अनूप खींची ने कहा कि निगम ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ की ओर महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ऑनलाइन ऋण आवेदन पत्र स्वीकार करना प्रारम्भ कर दिया है।
 
एक क्लिक पर ऋण
अब आवेदक घर बैठक rcfapp.industries.rajasthan.gov.in पर एक क्लिक पर ऋण सहायता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
 
खींची ने उपस्थित अंशधारियों को व्यापार संवद्र्धन शिविर, शिविर स्थल पर ऑन द स्पॉट ऋण आवेदन की स्वीकृति सहित निगम की प्रगति के लिए उठाये गये मुख्य कदमों के बारे में जानकारी दी।